हेयर ट्रांसप्लांट में लागत

गंजेपन का इलाज


डॉ. पी.जे. मजूमदार एवं डाउनटाउन आरोग्यम हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक ने गुवाहाटी, असम एवं उत्तर-पूर्व में हेयर ट्रांसप्लांटेशन की सर्वाधिक उन्नत तकनीक – एफ़यूई विधि – की शुरुआत की है जो बेहद प्रभावी, दर्दमुक्त एवं मरीज़ के लिए अत्यधिक आरामदेह है।
डाउनटाउन आरोग्यम हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक का यह तीसरा वर्ष है और इसने अब तक पूरे असम तथा मेघालय, नागालैंड, अरुणाचल, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा सहित उत्तर-पूर्व से 300 से अधिक रोगियों का प्रभावी ढंग से इलाज किया जा चुका है।

मैं गंजा होता जा रहा हूँ तथा अत्यधिक तनावग्रस्त हूँ। मैं इस स्थिति में क्या कर सकता हूँ? 

गंजेपन के क्या इलाज हैं? मैं अपने गंजेपन को कैसे दूर कर सकता हूँ? गंजेपन के लिए क्या उपचार एवं इलाज मौजूद हैं?

ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो बहुत से पुरुष पुराने समय से पूछते आ रहे हैं। किन्तु अंततः एक वैज्ञानिक समाधान – हेयर ट्रांसप्लांटेशन के रूप में प्राप्त हो गया है, और हेयर ट्रांसप्लांटेशन की सर्वाधिक नवीनतम तकनीक एफ़यूई विधि, अंततः गुवाहाटी, असम एवं उत्तरपूर्व में पहुँच गई है।

गंजापन दुर्भाग्य से सभी पुरुषों को होता ही है। यह पुरुष आनुवंशिक कोड में लिखा होता है और उम्र बढ़ने से जुड़ा हुआ है। किन्तु गंजापन तब एक समस्या बन जाता है, जब यह विकराल हो जाता है – उदाहरण के लिए एक व्यक्ति 20 या 30 वर्ष की उम्र में, जिसके बाल झड़ने पहले ही शुरू हो चुके हैं या 40 वर्ष की उम्र का एक ऐसा व्यक्ति जिसका गंजापन 60 वर्ष की आयु वाले व्यक्ति के समान है।

गंभीर गंजापन भले ही किसी भी उम्र में हो, हमेशा एक कॉस्मेटिक समस्या को जन्म देता है, भले ही 20 की उम्र में हो या 60 में, चूँकि यह व्यक्ति की अपीयरेंस में कहीं न कहीं कमी उत्पन्न करता है।

इस तरह के अत्यधिक गंजापन से व्यक्ति की अपीयरेंस को उसकी वास्तविक आयु से ज्यादा दिखने लगती है। गंजापन इससे पीड़ित व्यक्ति के सामाजिक एवं पेशेवर जीवन दोनों को प्रभावित कर सकता है, तथा वे लोग जो इसके प्रति संवेदनशील हैं, इसके बारे में बहुत संकोची हो जाते हैं तथा अन्य व्यक्तियों के साथ आत्मविश्वासपूर्ण ढंग से व्यवहार करने में असमर्थ हो जाते हैं।

महिलाओं में गंजापन इससे भी अधिक दुर्बल होता है, चूँकि महिलाएं अपनी अपीयरेंस के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं तथा बाल हमारी अपीयरेंस का सर्वोच्च आभूषण है।

पिछली शताब्दियों के दौरान गंजेपन का इलाज करने के लिए विभिन्न विधियों की जांच की जा चुकी है। गंजेपन को दूर करने के लिए उपलब्ध विधियां क्या हैं? आइए, उनका अध्ययन करते हैं।

जादुई इलाज: विभिन्न देशों में इसके लिए बहुत से इलाज आज़माए गए हैं। बहुत से सम्मानित इलाज पूर्णतया निरर्थक है और इनमें चूहे के मल, गंजे भाग को छोटे बच्चे के लिंग से स्पर्श करना, ताप अनुप्रयोग, ठंड, वैक्युम आदि जैसी चीज़ें शामिल हैं।

मेसोथेरपी: मेसोथेरपी भी शायद ही एक जादुई प्रयास से अधिक कुछ है। इसके कारगर होने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। मेसोथेरपी पर आलेख के लिए यहाँ देखें।

हेयर आयल: इसके लिए विभिन्न हेयर आयल की जांच की गई है। बहुत से ऐसे तेलों की भारत में पारंपरिक रूप से बहुत प्रतिष्ठा है। इनमें नारियल तेल, तिल का तेल, अरंडी का तेल, आदि शामिल हैं। किंतु जैसे करोड़ों गंजे व्यक्तियों ने जांच की है, इनमें से कोई कारगर नहीं हैं तथा गंजेपन को रोकने के लिए कुछ नहीं करते हैं।

हेयर स्टाइलिंग (केश विन्यास): गंजेपन को ढँकने के लिए हेयर स्टाइल को भी बदला जा सकता है। अपनाए गए सर्वाधिक आम स्टाइल को ‘कॉम्ब ओवर’ कहा जाता है – इसमें सिर के किनारे के बालों को लंबा बढ़ाना तथा इन्हें गंजे भाग को ढँकने के लिए एक किनारे की तरफ खींचा जाता है। यह गंजेपन के शुरूआती चरणों में बहुत प्रभावी हो सकता है। लेकिन गंजेपन में वृद्धि के साथ, कॉम्ब-ओवर भी स्पष्ट रूप से अप्राकृतिक और बाद में काफी मजाकिया लगने लगता है। जापानी इसे 'बार कोड' स्टाइल कहते हैं क्योंकि गंजी खोपड़ी में बालों की लटें एक बार कोड की तरह लगती हैं। हताशा के बाद, बहुत से पुरुष अपने बालों को बहुत छोटे, केवल कुछ मिलीमीटर लंबाई के रखते हैं। यह गंजेपन पर ध्यान दिए बिना व्यक्ति को एक पूरी तरह से अलग अपीयरेंस प्रदान करते हुए बहुत प्रभावी भी हो सकता है, क्योंकि वास्तव में व्यक्ति को यह अपीयरेंस पूरी तरह अपनाने में सक्षम होना चाहिए। कुछ लोग अपने सिर को पूरी तरह से मुड़वा लेने का विकल्प अपनाते हैं और जो बिलकुल सफाचट दिखाई देता है जिसे अपनाने का आपमें साहस होना चाहिए।

टोपी: नियमित रूप से टोपी पहनना वास्तव में गंजेपन को ढँकने का सबसे साधारण तरीका है। यह प्रभावी है, किन्तु यह एक ऐसा स्टाइल नहीं है जिसे ज्यादा लोग अपनाना चाहेंगें। एक व्यक्ति के लिए हमेशा ऑफिस, मीटिंग, सामाजिक सभाओं, आदि में टोपी पहनना उसके कैरियर में बहुत मददगार नहीं होता है।

हेयर विग: विग गंजेपन को ढँकने का बहुत पुराना तरीका है। विग को प्राचीन मिस्त्र में तथा पूरी दुनिया की संस्कृतियों में भी प्रयोग किया गया है। नवीनतम तकनीक के साथ, विग अधिक परिष्कृत हो गए हैं तथा एक अच्छी अपीयरेंस प्रदान करने के लिए बहुत से कृत्रिम फाइबर एवं प्राकृतिक बालों को एक साथ मिलाया जाता है। किन्तु समस्या यह है कि विग बहुत नजदीक से देखे जाने पर वास्तव में कभी भी प्राकृतिक नहीं दिखते हैं, जैसा कि काम के समय और सामजिक कार्यक्रमों में प्राकृतिक रूप से होता है। विग के फिसलने का डर हमेशा बना रहता है। इसके अलावा, इसमें सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसमें कोई हेयरलाइन (मांग) नहीं होती है। अतः सामने से देखे जाने पर, विग और सिर की खाल के बीच का हल्का रिक्त स्थान बहुत स्पष्ट होता है तथा किसी के ध्यान में आए बिना एक विग को पहने रहना लगभग असंभव है। इसे पहनने वाला व्यक्ति इस बात को लेकर हमेशा सचेत रहता है कि यह गिर सकती है और या फिर कोई भी इस पर ध्यान दे सकता है कि उसने विग पहना है। लोग जल्दी ही उस व्यक्ति को ‘वह व्यक्ति जो विग पहनता है’ इस तरह संदर्भित करने लगते हैं। विग वास्तव में कभी भी लोकप्रिय नहीं हुए, हालांकि वे बहुत लंबे समय से अस्तित्व में रहे हैं।

बालों को गूंथना(weaving): बाल गूंथने में अपने स्वयं के प्राकृतिक बालों में बालों की लटें जोड़ना शामिल है। बहुत से ऐसे तरीके हैं, जिनमें बाल गूंथे जा सकते हैं। लटें लोगों से एकत्र किए गए प्राकृतिक बालों की हो सकती हैं जो अपने बाल बेच देते हैं, या ये कृत्रिम हो सकते हैं – कृत्रिम बालों के कई भिन्न प्रकार मौजूद हैं। बालों को भी कई प्रकार की विधियों से बांधा जा सकता है। क्लिप विधि वह है जिसमें लटों को छोटी क्लिपों की मदद से बालों के गुच्छे से जोड़ दिया जाता है। बालों को चिपकाया भी जा सकता है – कम स्थायी विधि में सॉफ्ट ग्लू का प्रयोग किया जाता है जो सुविधाजनक किन्तु अस्थायी है, हार्ड ग्लू अधिक टिकाऊ किन्तु असुविधाजनक है। फ्यूजन विधि में गर्म ग्लू का प्रयोग किया जाता है जिसमें ग्लू को अधिक सुविधाजनक किन्तु दीर्घकालिक प्रभाव के लिए गर्म किया जाता है। बाल गूंथने का एक बड़ा लाभ यह है कि यह गंजेपन के शुरुआती चरण में बहुत सफल हो सकता है। यह वास्तव में तब न ध्यान देने योग्य हो सकता है जब केवल अतिरिक्त बालों की थोड़ी मात्रा की आवश्यकता होती है। इसका एक बड़ा नुकसान उच्च रखरखाव है जिसकी इसे आवश्यकता होती है। गूंथने के कुछ प्रकारों में आपको अपने बालों को धुलने या कंघी करने की अनुमति नहीं होती है। अन्य में ऐसा करने की अनुमति तो होती है लेकिन विशेष प्रकार की कंघी तथा शैंपू की आवश्यकता होती है। और सबसे महत्वपूर्ण रूप से, कुछ विधियों में लगभग 3 सप्ताह में नियमित मेंटनेस विजिट और अन्य विधियों में अधिकतम लगभग 2-3 माह में मेंटनेंस विजिट अनिवार्य है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मौजूद बालों से नए बालों को जोड़ा जाता है, और जैसे जैसे ये बाल बढ़ते हैं कृत्रिम बालों को पुनः जड़ों से जोड़ना पड़ता है। यह मेंटनेंस निहायती उबाऊ होता है, हालांकि अधिकाँश लोग पूरे उत्साह के साथ गूंथना शुरू करते हैं, किन्तु बहुत कम ही इसे एक वर्ष से अधिक समय तक जारी रख पाते हैं। मेंटनेंस की लागत भी काफी ज्यादा होती है। किसी भी मामले में, गूंथना गंजेपन के उच्चतर स्तरों में सहायक नहीं होता है, जहाँ यह बिलकुल एक विग की तरह दिखाई पड़ता है।

हेयर ट्रांसप्लांटेशन: और अंत में, हेयर ट्रांसप्लांटेशन। हेयर ट्रांसप्लांटेशन ऐसे प्रभाव उत्पन्न करता है जो इनमें से किसी की तुलना में अधिक बेहतर होते हैं। ट्रांसप्लांट किए गए बाल बिलकुल उसी तरह एक प्राकृतिक हेयरलाइन बनाते हैं जैसी व्यक्ति की गंजे होने से पहले थी, और वास्तव में ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे कोई भी गहन निरीक्षण के बाद भी यह बता सके कि यह नए बाल हैं, उसके पुराने बाल नहीं हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह उसी व्यक्ति के अपने बाल होते हैं। इसलिए रंग, घुंघरालापन, बनावट आदि बिलकुल समान होती है। बाल बढ़ते एवं लंबे होते हैं तथा इन्हें काटना एवं कंघी करना पड़ता है, तथा प्रक्रिया के बाद की शुरूआती अवधि के बाद किसी भी प्रकार के विशेष मेंटनेंस की कोई आवश्यकता नहीं होती है। व्यक्ति पुनः वही अपीयरेंस प्राप्त कर लेता है जैसा वह गंजा होने से पहले था। इसका मुख्य नुकसान लागत है – इसमें लगने वाला खर्च अधिक है। किन्तु यह एक बार का खर्च है और इसलिए उन अन्य तरीकों की तुलना में सस्ता है, जहाँ कई बार पैसे चुकाने पड़ते हैं और वे वास्तव में दीर्घकालीन समय में अधिक खर्चीले साबित होते हैं। और इस बात का मुख्य कारण कि आखिर हेयर ट्रांसप्लांट क्यों सस्ता है, वह यह है कि यह स्थायी एवं आजीवन चलने वाला है। नये बाल व्यक्ति के पूरे जीवनकाल के दौरान बने रहेंगें। उस क्षण की कल्पना करें जिसमें आपके वे मित्र जिनके बाल अभी मौजूद हैं, 50 की उम्र के बाद गंजे होना शुरू हो जाएंगे, किन्तु आपके पास अंत तक बिलकुल वैसी ही हेयरलाइन बनी रहेगी और आप उस समय तक उनसे युवा लगेंगें!

हेयर ट्रांसप्लांटेशन पर अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें

गुणवत्ता आश्वासन:

Arogyam हेयर प्रत्यारोपण क्लिनिक यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाता है कि प्रत्येक रोगी के लिए गुणवत्ता बनाए रखा जाता है। गुणवत्ता रखरखाव की कुंजी मात्रात्मक गुणवत्ता मानकों को लागू करना और उचित दस्तावेज़ीकरण और प्रक्रियाओं की समीक्षा को बनाए रखना है। डाउनटाउन अस्पताल एक आईएसओ 9 001: 2008 और एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल है जो गुणवत्ता नियंत्रण के सख्ती से पालन की मांग करता है। कदम उठाए गए हैं:

100% सुरक्षा आश्वासन:डाउनटाउन अस्पताल के मुख्य ओटी में सभी प्रक्रियाएं एनेस्थेसियोलॉजिस्ट और गंभीर देखभाल विशेषज्ञों के पूर्ण पूरक के साथ की जाती हैं। इसलिए रोगियों को प्रत्यारोपण सर्जरी सहित प्रमुख सर्जरी के समान स्तर पर पूर्ण सुरक्षा मानकों का आश्वासन दिया जाता है। 

100% नसबंदी आश्वासन: चूंकि प्रमुख ओटी पूर्ण प्रक्रिया में प्रक्रियाएं की जाती हैं। धूमकेतु हर हफ्ते किया जाता है और प्रदूषण की जांच के लिए swab परीक्षण किए जाते हैं।

सर्वश्रेष्ठ उपकरण: अर्गोगम हेयर ट्रांसप्लेंट क्लिनिक सटीक और सटीकता के लिए 6 एक्स हेन लोपे जैसे सर्वोत्तम उपलब्ध उपकरणों का उपयोग करता है, ब्लंट टाइटेनियम पेंच जो ग्राफ्ट्स के नुकसान और ट्रांसेक्शन से बचाता है, रोई इम्प्लांटर्स रोपण की प्रक्रिया को मानकीकृत करने और रोपण के दौरान क्षति को रोकने के लिए, मेजर ओटी स्तर नसबंदी, धूमकेतु और सभी उपकरणों के autoclaving, आदि

दक्षता गिनती: ट्रांसेक्शन दरों और प्रत्यारोपण की गति जैसे FUE के लिए क्षमता गणना प्रत्येक मामले के लिए नोट की जाती है और प्रत्येक 10 मामलों की समीक्षा की जाती है। Arogyam बाल प्रत्यारोपण लगातार transection और गति के अंतरराष्ट्रीय मानकों को प्राप्त करता है।

ट्रे की गणना: अर्गोगम हेयर ट्रांसप्लेंट क्लिनिक प्रक और विशेषज्ञता के लिए 6 एक्स हेन लोपे जैसे सबसे अच्छा उपलब्ध उपकरण का उपयोग करता है, ब्लंट टाइटेनियम पेंच जो ग्राफ्ट्स के नुकसान और ट्रांसेक्शन से बचता है, रोई इम्प्लांटर्स रोशन की प्रक्रिया को मानकीकृत करने और रोपण के कारण क्षति के लिए, मेजर ओटी स्तर असबंदी, धूमकेतु और सभी उपकरणों के autoclaving, आदि

डॉ पी जे मजूमदार अमेरिकन बोर्ड ऑफ हेयर रिस्टोरेशन सर्जरी का पहला और एकमात्र अमेरिकी बोर्ड प्रमाणित डिप्लोमा है और अमेरिकी प्रक्रियाओं के बालों की बहाली सर्जरी के अमेरिकी नैतिक और तकनीकी दिशानिर्देशों और हेयर बहाली सर्जरी के लिए अंतर्राष्ट्रीय सोसाइटी के बाद सभी प्रक्रियाएं की जाती हैं। ऐसे में, रोगियों को एबीएचआरएस और आईएसएचआरएस द्वारा अनुमोदित अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार पूर्ण व्यावसायिक देखभाल प्राप्त करने का आश्वासन दिया जा सकता है।

सही रसीला घनत्व: सही रसीला घनत्व सुनिश्चित करने के लिए, उचित घनत्व प्राप्त करने के लिए 'घनत्व टिकटें' का उपयोग किया जाता है। बाल और कोण की दिशा सावधानी से बनाए रखा जाता है।

शरीर के समय से बाहर: शरीर के समय से बाहर, जिस समय के लिए भ्रष्टाचार शरीर के बाहर है, बालों के प्रत्यारोपण में सफलता के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक है। Aroyam हेयर प्रत्यारोपण यह सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष प्रक्रिया का पालन करता है कि यह समय न्यूनतम है। यह एक समय में केवल 500-600 ग्राफ्ट करके और फिर उन्हें प्रतिस्थापित करके किया जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि शरीर से बाहर समय केवल 1 घंटे से कम या बराबर है। यह सबसे छोटी अवधि अस्थिर है। कई केंद्र एक समय में 2000-2500 ग्राफ्ट तक करते हैं ताकि शरीर से बाहर समय 4-5 घंटे तक चला जा सके। हमें शरीर के क्वांटम से हमारे समय पर गर्व है। हालांकि यह समय के कुछ बलिदान का कारण बन सकता है लेकिन परिणाम अधिक महत्वपूर्ण हैं।

ऊपर का पालन करें: रोगी के लिए अनुवर्ती अवधि महत्वपूर्ण है जब उसके दिमाग में कई संदेह और चिंताएं होती हैं। हमारे क्लिनिक में, डॉ पी जे मजूमदार इस अवधि के दौरान रोगी के किसी भी प्रश्न के लिए सीधे अपने व्यक्तिगत सेल पर रोगी के लिए हमेशा पहुंच योग्य रहेगा।

डॉ. पी.जे. मजूमदार के शैक्षणिक प्रमाण पत्र यहाँ देखे जा सकते हैं: शैक्षणिक प्रमाण पत्र।. उनका रेज्यूमे यहाँ देखा जा सकता है: रेज्यूमे।. संपर्क पता एवं अन्य विवरण के बारे में जानने के लिए,संपर्क पर जाएँ। इस ब्लॉग में मुख्य रूप से हेयर ट्रांसप्लांट पर विभिन्न ब्लॉग पोस्ट शामिल हैं। फोरम में प्रश्न पूछे जा सकते हैं। डाउनटाउन हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक में किए गए हेयर ट्रांसप्लांट के फोटो देखने के लिए, गैलरी में जाएँ। ब्लॉग, फोरम एवं गैलरी पृष्ठ अभी भी निर्माणाधीन हैं, अतः कृपया एक माह के बाद पुनः देखें।  

- पलाश मजूमदार